Saturday, June 20, 2026
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डोरा पर्व: पति-पुत्र की दीर्घायु के लिए विवाहित महिलाओं की आस्था का प्रतीक, बांका जिले में धूमधाम से मनाया गया

रिपोर्टर: संजीत गोस्वामी / रितुराज – IC न्यूज़ नेशन, बांका

बांका जिला के बड़ा टोला बेड़िहा, घासिया पंचायत में परंपरा, आस्था और श्रद्धा से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व डोरा पर्व बड़ी ही धूमधाम और भक्तिभाव से मनाया गया। यह पर्व विशेष रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति और पुत्र की लंबी उम्र व कुशलता की कामना के लिए किया जाता है।

डोरा पर्व का उल्लेख पौराणिक ग्रंथों में भी मिलता है, और आज भी यह पर्व गांव की महिलाओं के मन में एक जागृत आस्था के रूप में विद्यमान है। इस पर्व में कच्चा बांस, डाला, सुहारी, लड्डू और पुआ जैसी पारंपरिक वस्तुएं अर्पित की जाती हैं — ठीक उसी तरह जैसे छठ पूजा में अर्पण किया जाता है।

पूरे गांव में साफ-सफाई, आध्यात्मिकता, और निष्ठा के साथ यह पर्व मनाया गया। महिलाएं अपने घरों और पूजा स्थलों को स्वच्छ रखकर मां देवी को अर्पण करती हैं और गहरे भक्ति भाव से पूजा-अर्चना करती हैं।

गांव की बुज़ुर्ग महिलाओं से लेकर युवतियों तक सभी ने इस पर्व में भाग लिया और पारंपरिक गीतों, रीति-रिवाज़ों के साथ पर्व को जीवंत बना दिया। यह पर्व न सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक एकजुटता और संस्कृति के संरक्षण का भी प्रतीक है।

डोरा पर्व ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिकता की दौड़ में भी हमारी लोक परंपराएं और आस्था जीवित हैं, और अगली पीढ़ियों को इनसे जोड़ना आज भी गांव की संस्कृति की प्राथमिकता है।

Shyam Kumar Gupta
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