Monday, April 6, 2026
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वैसे तो स्टेडियम पहले भी राजनीति अखाड़ा बन चुका पर वर्तमान भी गन्दीराजनीति के अखाड़ा है ये खेल दिवस के कार्यक्रम पर पता चला… आरती सिंह सामाजिक कार्यकर्ता

खेलमंत्री उमेश पटेल के स्थानीय होने का लाभ भी जिले को नहीं मिला 5 सालों में

खेल दिवस का उपहास

रायगढ़ / वैसे तो खेल खिलाड़ी कोच का जीवन बहुत ही संघर्ष से भरा है पर रायगढ़ स्टेडियम के इतिहास की बात करे तो ये हमेशा गन्दीराजनीति का शिकार रहा जो जिंदल के दो करोड़ स्टेडियम पर खर्चा कर देने से खुलकर उनकी तारीफ कर वो लोग खुद की पीठ थपथपा रहे है जो अपने नकलीपन की खुलकर अपने चरित्र को प्रदर्शित कर रहे हैं सच तो ये है कि वर्तमान आज स्टेडियम का चेहरा छत्तीसगढ़ का एकमात्र स्टेडियम के रूप में होता पर ऐसा नहीं हुआ ये तो सिर्फ जिले की अनगिनत उघोगों को लेकर बोल रहे हैं जिले के खेलमंत्री को लेकर बोलेंगे तो खेल मंत्री स्वयं किसी को मुँह दिखाने के लायक नहीं होंगे जिनके पांच साल के कार्यकाल में खेलमंत्री रहते हुए एक भी ऐतिहासिक काम खेल खिलाड़ियों के लिए नही दिखा जिससे खुद को गर्व करे ये तो भगवान का शुक्र है रायगढ़ को फिर एक सरल बेहतरीन अपने कार्यकाल के धनी कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा जी है जिसने स्टेडियम का कायाकल्प किया है उनके सही मार्गदर्शन से जिंदल को निर्देशित करते हुए कायाकल्प हुआ है हाँ जिंदल तारीफ का पात्र तब होता जब स्वयं जनता के तकलीफों को बिना किसी के बोले सुना होता और रायगढ़ को अपना समझ कर जिंदल रायगढ़ के विकास में भूमिका स्पस्ट कर पाता पर रायगढ़ में कुछ तिरियाचरित्र दलालों की गंदगी ने अपना चरित्र स्पष्ट कर चुका है इसी लिए चौकने वाली बात नहीं है सच तो ये है खेल दिवस के शुभ अवसर पर भी स्टेडियम गन्दीराजनीति के अखाड़ा बनने का प्रदर्शन कर चुका जहाँ खेल खिलाड़ी से लेकर वरिष्ठ कोचों खेल संगठनों के लोगों को सम्मान करना भूल गया जिन्होंने सिर्फ निस्वार्थ भाव से अपना उद्देश्य खेल हित मे जीवन को समर्पित किया या खेलहित में सर्व खिलाड़ी के हित के लिए काम किया गिनती के लोग जिन्हें स्टेडियम से कुछ जुड़े लोग जिन्हें ये गलतफहमी है कि देश इन्हीं से चल रहा है काश इन्हें मालूम चल पाता ऐसे लोग भी है जिन्होंने खेल जीवन को जीते जीते अपने वर्तमान जीवन को हार चुके है ऐसे व्यक्तित्व को प्रोत्साहित करना सम्पूर्ण खेल जगत का सम्मान होता अरे खेल जीवन आर्मी जीवन के टक्कर का है जो देशहित समाज हित के साथ देश के लिए मैडल लाने की पवित्र सोच को लेकर जीता है पर ऐसे व्यक्तित्व लोगों को भूल जाने की प्रदर्शन गन्दीराजनीति के हिस्सा बनना स्टेडियम का हिस्सा बन चुका है और तो और महापौर जानकी काटजू तक को नहीं नहीं बुलाया गया है ये कड़वा सच है जिसे आप माने या ना माने आपका प्रॉब्लम है यह कथन आरती सिंह सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा जनहित में जारी है।

Shyam Kumar Gupta
Shyam Kumar Guptahttps://raigarhmati.in
मोबाईल 9907955737 700405948

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