
पिथौरा जिला शतरंज संघ महासमुंद के तत्वावधान में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बेरकेल खुर्द में चेस इन स्कूल्स के तहत एक दिवसीय शतरंज प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के राज्य सचिव हेमंत खुटे ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 1997 से स्कूलों में शतरंज खेल को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे है। इसी श्रंखला में प्रदेश के अनेक विद्यालयों में शतरंज का विधिवत निशुल्क प्रशिक्षण दे चुके है। अब तक 3500 से अधिक स्कूली बच्चे इस प्रशिक्षण से लाभान्वित हो चुके है। उन्होंने बताया कि नए शिक्षण सत्र में अगस्त माह में प्रदेश स्तर पर केवल स्कूली बच्चों हेतु शतरंज स्पर्धा का आयोजन करेंगे।
एक दिवसीय शतरंज प्रशिक्षण का शुभारंभ हेमंत खुटे द्वारा रचित गीत स्कूल चले हम,पढ़ाई करे हम,शतरंज खेले हम गीत प्ले कर किया गया।प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को चेस बोर्ड जमाना,मोहरों की चालें,मोहरों की पीटने की शक्ति,किलाबंदी, एनपासेंट,बाजी लिखने की विधि तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों की जानकारी दी गई। बच्चों ने भी तरह – तरह के सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया।
संस्था प्रमुख अंतर्यामी प्रधान ने अपने वक्तव्य में शतरंज की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शतरंज खेल के अनेक फायदे है । शतरंज खेलने से बौद्धिक क्षमता का विकास होता है। याददाश्त बढ़ती है। आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है तथा आई क्यू लेवल बढ़ता है। इस अवसर पर संस्कार शिक्षण संस्थान के डायरेक्टर गौरव चंद्राकर व पत्रकार राजा बाबू उपाध्याय भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक नीलकंठ दीवान ने किया।


