धर्म-पंथ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च मानना समय की मांग – श्याम गुप्ता


रायगढ़।
“भारत की पहचान उसकी विविधता में एकता है। यहां अनेक धर्म, पंथ और विचारधाराओं के लोग रहते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्रहित की आती है तो हर भारतीय का पहला धर्म राष्ट्र होना चाहिए।” यह विचार प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव श्याम गुप्ता ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि देश की रक्षा, संस्कृति और सामाजिक एकता के लिए भारत के धर्म और पंथ के लोगों ने मिलकर योगदान दिया है। भारत की शक्ति उसकी राष्ट्रीय चेतना में बसती है, जहां अलग-अलग आस्थाओं के बावजूद लोग “राष्ट्र पहले” की भावना को सर्वोपरि मानते हैं।
श्याम गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को बांटने वाली राजनीति और संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर राष्ट्रीय चिंतन को मजबूत करने की आवश्यकता है। देश तभी आगे बढ़ेगा जब हर नागरिक अपने धर्म और पंथ के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा “वसुधैव कुटुम्बकम” और सर्वधर्म समभाव का संदेश देती आई है। आज जरूरत इस बात की है कि युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और एकता की भावना को और अधिक मजबूत किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बन सकें।
श्याम गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि की सोच ही भारत को विश्व में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है और यही सच्चा राष्ट्रीय धर्म भी है।


