“जंगल, जल और जमीन से जुड़ा है मानव अस्तित्व, भेदभाव छोड़ मानवता अपनाने का संदेश”

“गांव हो या शहर, इंसान की जड़ें प्रकृति और आदिवासी संस्कृति से जुड़ी हैं”

रायगढ़। प्रेस रिपोर्टर क्लब प्रदेश सचिव श्याम गुप्ता ने मानव सभ्यता, प्रकृति और मूल संस्कृति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि “पूरी दुनिया का हर मानव मूल रूप से आदिवासी है। चाहे वह गांव में रहता हो या शहर में, इंसान की असली पहचान प्रकृति से जुड़ी हुई है। मानव सभ्यता की शुरुआत जंगल, जल, जमीन और प्राकृतिक जीवन से हुई है, इसलिए हर व्यक्ति कहीं न कहीं आदिवासी संस्कृति और प्रकृति का हिस्सा है।”
उन्होंने कहा कि आधुनिकता और शहरीकरण के दौर में इंसान अपनी जड़ों को भूलता जा रहा है, जबकि प्रकृति ही मानव जीवन का आधार है। समाज में जाति, ऊंच-नीच और भेदभाव जैसी सोच को छोड़कर मानवता, समानता और प्रकृति संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
श्याम गुप्ता ने कहा कि आदिवासी संस्कृति केवल एक वर्ग की पहचान नहीं बल्कि पूरी मानव सभ्यता की मूल विरासत है। प्रकृति का सम्मान करना ही मानवता का सबसे बड़ा धर्म होना चाहिए।
“प्रकृति से जुड़ाव ही मानवता की सबसे बड़ी पहचान।”
“हर इंसान की जड़ें प्रकृति में, यही मानव सभ्यता का सत्य है।”
“गांव से शहर तक एक संदेश — प्रकृति, मानवता और समानता का परिवेश।”


