

बढ़ती गर्मी और घटते जंगल मानव ही नहीं, समस्त जीव-जंतुओं के अस्तित्व के लिए खतरा; हर परिवार एक पेड़ लगाकर उसे जीवित रखने का संकल्प ले — श्याम गुप्ता


रायगढ़। प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव श्याम गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “जंगलों का सत्यानाश करके पर्यावरण बचाने की बात करना मूर्खता और पाप है, जिसके दोषी हम स्वयं मानव समाज हैं।” उन्होंने कहा कि आज बढ़ती गर्मी, अनियमित मौसम और प्राकृतिक आपदाओं का सबसे बड़ा कारण वनों की लगातार कटाई और प्रकृति के प्रति मानव की उपेक्षा है।
श्याम गुप्ता ने कहा कि घटते जंगल केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पृथ्वी पर रहने वाले हर जीव-जंतु, पक्षी और वन्य प्राणी के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। प्रकृति का संतुलन बिगड़ने से जल स्रोत सूख रहे हैं, तापमान लगातार बढ़ रहा है और पर्यावरणीय संकट गहराता जा रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि केवल दिखावे के लिए पौधारोपण करने से पर्यावरण नहीं बचेगा। प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार के सदस्य की तरह कम से कम एक पेड़ लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए और उसे जीवित रखते हुए बड़ा करना चाहिए। जब तक पौधे वृक्ष नहीं बनेंगे, तब तक पर्यावरण संरक्षण के प्रयास अधूरे रहेंगे।
श्याम गुप्ता ने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक-एक पेड़ लगाने और उसे संरक्षित करने का संकल्प ले, तो प्रकृति के विनाश की गति को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी योजनाओं का विषय न मानकर जनभागीदारी का आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अंत में उन्होंने कहा कि “प्रकृति की रक्षा ही मानवता की रक्षा है। आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए आज ही वृक्षारोपण और वन संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाना होगा।”


