

रायगढ़ से सारंगढ़ की ओर चलने वाली निजी बस संचालकों ने रायगढ़ के छातामुरा चौक एवं चंद्रपुर बस स्टेण्ड में अपना अपना एजेंट बैठा रखे हैं
जिनका दादागिरी देखने लायक रहता है, यदि आपके घर परिवार का कोई भी सदस्य छातामुरा चौक या चंद्रपुर बस स्टेण्ड में खड़ा है बस के इंतजार में और आप अचानक से उसे देख लिए तो आप उसे अपने निजी वाहन से नहीं ला सकते, क्योंकि उस जगह पर बस एजेंट तैनात रहते हैं जो की आपके साथ गुंडागर्दी करने पर उतारू हो जायेंगे
यदि आप कहते हैं की ये मेरे पिताजी हैं या माताजी हैं तो आपको प्रूफ करना पड़ेगा बहस बाजी करके और यदि आपको डराने धमकाने में सफल हो गए तो फिर आपके परिवार के सदस्य को बस से ही सफऱ कर अपने गंतब्य तक जाना पड़ेगा
बस की जीतनी सीट है उसके डबल यात्रियों को भेड़ बकरी की तरह ठूस दिया जा रहा है और शासन प्रशासन आँख बंद करके किसी बड़े अनहोनी की इंतजार कर रहा है, ऐसे में कभी बस दुर्घटना हो जाती है तो स्थिति भयावह होगा जबसे राज्य परिवहन बंद हुई है तबसे निजी बस संचालको की दादागिरी बढ़ती जा रही है और आम जनता को दुर्व्यवहार सहते हुए बस में यात्रा करना पड़ रहा है
RTO क्या केवल भारी माल वाहक वाहनों की जाँच के लिए ही बनी है?
बस में क्षमता से अधिक यात्रियों को मवेशीयों की तरह ठूस ठूस कर भर दिया जा रहा है इस पर कौन सा विभाग कार्यवाही करेगा?
आखिर क्यों इन बस संचालको को इतनी छूट दिया गया है की इंसान इनकी नजर में जानवर जैसा लगते हैं
इनको ना किसी का डर है ना किसी का भय यदि औचक निरिक्षण किया जाय तो कभी बस ड्राइवर या कन्डेक्टर आपको नशे की हालत में मिलेंगे
आम जनता के लिए सम्मान जनक और सुरक्षित बस की यात्रा नहीं रह गई है अब देखना होगा की प्रदेश की सरकार इन बस संचालको पर कार्यवाही करती है या हालत जस का तस रहेगा


