
महेश के अलावा अभी कोई भाजपा नेता दावेदारी की रेस में नहीं

साढ़े चार साल से क्षेत्र में हैं लगातार सक्रिय
रायगढ़ 29 जुलाई 2023
भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव के दो साल पहले से ही खरसिया विधानसभा में बड़े और शांत तरीके से उलटफेर की दावे गुपचुप तरीके से कर रही है। पार्टी का मानना है कि यहां के 40 हजार वोटर फ्लोटिंग हैं जो कार्यकाल और समय की नजाकत को भांपते हुए वोट डालते हैं बीते विधानसभा चुनाव में इन्हीं वोटर्स ने कांग्रेस से हार के गैप को 40 हजार से 16 हजार तक किया। चुनाव में जैसे-जैसे समय कम बचेंगे भाजपा खरसिया में अपनी गतिविधियां और तेज करेंगी। अगले महीने खरसिया विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित प्रधानमंत्री मोदी का दौरा कई समीकरणों को एक साथ साधेगा। कांग्रेस के अभेद किले खरसिया में इस बार सेंध लगाने की तैयारी यहां के स्थानीय भाजपा नेता महेश साहू ने कर ली है। महेश साहू खरसिया विधानसभा क्षेत्र में किसी पहचान के मोहताज नहीं है। तीन दशक से वह क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं, समाज के साथ ही सभी वर्गों के साथ उनके संबंध बेहतर हैं।
महेश साहू का नाम इसलिए खरसिया में चर्चा है कि उनकी दावेदारी करते दीवालों पर प्रचार लेख, उनके दौरे निजी समेत सियासी, खरसिया क्षेत्र में देखने को मिल रही है और खुद उन्होंने भी खरसिया सीट से चुनाव लड़ने की मंशा जताई है। विदित हो कि ओपी चौधरी ने बीते विधानसभा चुनाव को एकतरफा-नीरस को काफी संघर्षपूर्ण बना दिया था और उमेश पटेल को टक्कर दी थी। हार के बाद ओपी का कद और दायरा बीजेपी आलाकमान ने और बढ़ा दिया। उन्हें एक विधानसभा नहीं अपितु प्रदेश की 90 विधानसभा के स्टार प्रचारक बनाकर पूरा प्रदेश भ्रमण में लगा दिया। ओपी की अनुपस्थिति में खरसिया में किसी ने भाजपा का परचम इन साढ़े चार सालों में बुलंद किया है तो वह महेश साहू ही हैं।
खरसिया से जनपद सदस्य अमरनाथ भारद्वाज कहते हैं कि महेश साहू की स्वीकार्यता पूरे क्षेत्र में हैं वह लोगों के साथ सदैव खड़े हैं और लोग उनके साथ। सरवानी(खरसिया) से आने वाले महेश साहू के समाज से ही बाबा सत्यनारायण आते हैं और इस कारण उनकी धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है।
खरसिया के युवा पत्रकार हेमसागर श्रीवास कहते हैं कि एक समय था जब खरसिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने में भाजपाईयों के हांथ-पांव फूल जाया करते थे लेकिन अब समय के साथ परिस्थितियां बदली हैं महेश ने इस सीट से दावेदारी ठोंककर साहस का कार्य किया है क्योंकि रायगढ़ सामान्य सीट से भाजपा के दर्जनों दावेदार शक्ति प्रदर्शन करते नजर आएंगे पर खरसिया में दावेदारों को सांप सूंघ जाता है। ऐसा नहीं है कि भाजपा के लिए यहां कोई स्कोप नहीं है बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी उमेश के 94,201 वोट की तुलना में भाजपा प्रत्याशी ओपी को 77,234 वोट मिले थे। इस बार चुनाव एक तरफा होगा ऐसा कहना गलता होगा।
भाजपा के चपले मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम पटेल ने बताया कि इस बार उनकी तैयारी पहले से बेहतर है बीते साल जो कमियां और गलतियां हुईं उस पर कार्य किया गया है। अंतिम निर्णय तो मतदाता ही लेता है। महेश साहू स्थानीय होने के साथ ही एक चिर-परिचित चेहरा हैं। साहू समाज में उनका कद बड़ा है साथ ही मारवाड़ी पट्टी के बीच अच्छी पकड़ हैं। आदिवासियों क्षेत्रों में उनका दौरा बीते 4 सालों में काफी बढ़ा है। इन सबसे बढ़कर वह सक्रिय हैं और उनका टिकट मांगना जायज है।
पार्टी मौका देगी तो जरूर लड़ूंगा चुनाव
50 वर्षीय महेश साहू 3 दशक से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं संगठन में विभिन्न पदों रहे हैं। इसके साथ ही महेश प्रदेश स्तर पर साहू समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और दीगर राज्यों के नेताओं से उनके अच्छे संबंध है। महेश साहू ने कहा कि इस बार मैंने खरसिया क्षेत्र में खूब मेहनत की है लोगों के बीच लगातार संपर्क स्थापित किया हूं। अगर भारतीय जनता पार्टी मुझे खरसिया से विधानसभा चुनाव का प्रत्याशी बनाती है तो मैं चुनाव जरूर लड़ूंगा। खरसिया की भौगौलिक, सामाजिक, आर्थिक परिस्थितियों में काफी बदलाव आया है जिसका सही आंकलन हम कर रहे हैं। पुराने खरसिया और नए खरसिया में काफी अंतर है और यहीं पर भाजपा अन्य राजनीतिक पार्टियों से काफी आगे है।


