

कसहीबाहरा मिडिल स्कूल के 25 बच्चों ने सीखा शतरंज

शतरंज खेलने से ब्रेन का एक्सरसाइज होता है – हेमंत खुटे
पिथौरा चेस इन स्कूल्स के तहत बैगलेस डे पर शनिवार को शासकीय मिडिल स्कूल कसहीबाहरा में शतरंज प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हेमन्त खुटे द्वारा रचित गीत स्कूल चले हम,पढ़ाई करे हम,शतरंज खेले हम गीत से किया गया।
जिला शतरंज संघ के सचिव एवं चेस ट्रेनर हेमन्त खुटे सर्वप्रथम बच्चों को शतरंज खेलने के फायदे से अवगत कराते हुए कहा कि दिमागी कसरत के लिए शतरंज एक बेहतर गेम है। शतरंज खेलने से ब्रेन का एक्सरसाइज होता है। शतरंज खेलने से आई क्यू लेवल बढ़ता है ।याददाश्त बढ़ती है इसलिए पढ़ाई पर इसका अच्छा प्रभाव पड़ता है। प्रशिक्षण के दरमियान हेमंत ने स्कूली बच्चों को बोर्ड जमाना,मोहरों की चालें, मोहरों की मारक क्षमता, मोहरों का वैल्यू,किलाबंदी, चाल लिखने की विधि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1997 से हेमंत स्कूली बच्चों निशुल्क शतरंज का प्रशिक्षण देते आ रहे है। अब तक 3500 से भी ज्यादा बच्चे इनके द्वारा दिए गए प्रशिक्षण का लाभ ले चुके हैं।
प्रशिक्षण के दौरान संस्था की शिक्षिका तबस्सुम व शिक्षक दिलीप कुमार पटेल उपस्थित थे।


