

समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेवक, शिक्षक व कवियों को प्रशस्ति पत्र दिया गया


खरसिया :- गोंडवाना गोंड़ महासभा ब्लॉक इकाई खरसिया ने सोमवार को महारानी दुर्गावती का शहादत दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम सोमवार को दिन में 11:00 बजे से खरसिया जनपद के आश्रित ग्राम छोटे मुड़पार बड़ा देव ठाना में मनाया गया। इसमें मौजूद लोगों ने रानी दुर्गावती को उनके बलिदान दिवस में याद किया। सर्वप्रथम वीरांगना रानी दुर्गावती जी की छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। तत्पश्चात उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर गोंडवाना गोंड़ महासभा प्रदेश सदस्य श्यामलाल जगत ने प्रकाश डाला।
बता दें कि 24 जून को गोंडवाना साम्राज्य की रानी महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाया गया इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड़ महासभा कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद श्याम ने कहा कि महारानी दुर्गावती ने मुगलों से लोहा लिया था। अपने गोंडवाना साम्राज्य की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुई थी। उन्होंने महाराज दलपत शाह की मृत्यु के बाद राज सिंहासन संभाला था और गोंडवाना की सम्राज्ञी बनी थी उन्होंने अपनी शक्ति, शौर्य, साहस और वीरता से गोंडवाना राज्य का जीवन पर्यंत सुरक्षा की वह नारी शक्ति के रूप में आदर्श है। हेमलता मरावी ने कहा कि आदिवासी समाज ने हमेशा संघर्ष किया है। महारानी दुर्गावती का अपने साम्राज्य के प्रति बलिदान अनुकरणीय है। सर्व आदिवासी समाज जिलाध्यक्ष सुनील मिंज ने कहा की प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली प्रथम आदिवासी महिला सम्राज्ञी महारानी दुर्गावती ने अपने समाज को जागरूक करने का कार्य किया। विदेशी हुकूमत को चुनौती देते हुए अपने अधिकारों और समाज की रक्षा के लिए शहीद हुई यह हमारे लिए गौरव की बात है। इनुसेट कुजुर ने कहा कि वीरांगना महारानी दुर्गावती ने अपने जान की बाजी लगाकर देश समाज के साथ अपने मान सम्मान की रक्षा की। उन्होंने अकबर की सेना को रणभूमि में कई बार परास्त किया। लेकिन मौके का लाभ उठाकर अकबर की सेना ने धोखे से आक्रमण कर दिया। तब तक कुछ समझने का मौका मिलता तब तक अकबर की सेना महारानी दुर्गावती चारों तरफ से घिर चुकी थी। आत्म सम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने अपने जीवन को समाप्त कर लिया और वीरगति को प्राप्त हुई। इनके इस शहादत से पूरे गोंड़ आदिवासी समाज को प्रेरणा लेते हुए देश समाज और स्वाभिमान की रक्षा करनी चाहिए।
गोंडवाना गोंड़ महासभा मालखरौदा राज जिला शक्ति के राजा संरक्षक जितेंद्र विजय बहादुर सिंह ने कहा महारानी दुर्गावती का शहादत साहस आत्म सम्मान और स्वतंत्रता के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में एक प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने यह संदेश दिया कि अपने अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कोई भी बलिदान छोटा नहीं होता। उनकी वीरता को भारतीय रियासतों को संघर्ष करने की प्रेरणा दी और उनकी गाथा आज भी हमारे दिल और दिमाग को झकझोर देती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुसूचित जनजाति राष्ट्रीय अध्यक्ष नई दिल्ली मदन गोंड़ ने अपने संबोधन में समाज को एक रहकर अपने हक व अधिकार के लिए लड़ने एवं रानी दुर्गावती के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड़ महासभा ब्लॉक इकाई खरसिया के अध्यक्ष राजकुमार मरावी अनुज नेताम,कुशो जगत,सोम साय जगत, धनीराम मरावी, खगेश्वरी मांझी, डिन्डेश्वरी जगत, सोमती जगत, दिजोरी नेटी, कीर्तन लाल सिदार, बलवंत सिंह जगत, जयसिंह मरकाम, सुदामा जगत, शौकी नेताम, कीर्तन मरावी, ननकी सिदार ने संबोधित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन शेखर जगत ने किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि मदन गोंड़ विशिष्ट अतिथि राजा जितेंद्र विजय बहादुर सिंह के हाथों वीरांगना महारानी दुर्गावती शौर्य दिवस के अवसर पर समाज के शिक्षक, कवि में गुलाब सिंह कंवर, कृष्ण कुमार ध्रुव (व्याख्याता) कवि सूरजपुर, पत्रकार डिग्री लाल जगत, नारायण राठिया, गोंडवाना महिला मंडल हेमलता मरावी, डिन्डेश्वरी जगत, अंजलि गोंड, गीता नेताम, कौशल जगत, सुलोचना, प्रेम बाई मरावी, रमेश कुमारी संतोषी सिदार, दिजोरी नेटी,सोमती जगत, कविता नेताम,सवरीन बाई नेटी, मीना कुमारी सिदार, सावित्री राठिया, माहेश्वरी सिदार सोमनाथ नेताम मनोज मंडावी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
*महिलाओं ने रानी दुर्गावती की शहादत दिवस पर वृक्षारोपण कर सुरक्षा करने का संकल्प लिया खरसिया में रानी दुर्गावती शहादत दिवस में उपस्थित गोंड़ समाज की महिलाओं ने कार्यक्रम स्थल पर बड़ा देव ठाना ग्राम छोटे मुड़पार में पौधारोपण कर उसके सुरक्षा की जिम्मेदारी ली। गोंडवाना महिला मंडल की हेमलता मरावी ने कहा कि आदिवासी समाज के लोगों के घर-घर जाकर एक पौधा लगाया जाएगा। उन्होंने लोगों से पर्यावरण की बिगड़ते संतुलन को बनाए रखने पौधारोपण करने का आह्वान किया इस कार्यक्रम में सवरीन बाई नेटी मीना कुमारी, मरावी,उमा भारती शिवानी जगत,गोंडवाना महिला मंडल के सदस्य उपस्थित थे।


